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Judge a book, not by its cover

  • दरिद्रस्य परा मूर्तिर्याच्ञा न द्रविणाल्पता।
    जरद्गवधनः शम्भुस्तथापि परमेश्वरः॥
  • daridrasya parā mūrtiryācñā na draviṇālpatā|
    jaradgavadhanaḥ śambhustathāpi parameśvaraḥ||
  • Do not mistakenly conclude that those who seek alms and appear needy are indeed penurious. Though he possesses nothing but an old bull, Śambhu is the God of Gods.
  • लोभ ही मनुष्य का परम शत्रु है। लोभ से भिक्षा याचना करने वालों की याचना ही दरिद्रता है धन का अभाव का नहीं। याचना न करने वाले मात्र एक वृद्ध वृषभ की संपत्ति वाले शिव, इस संसार में परमेश्वर कहलाते है।
  • – Vyāsa-subhāṣita-saṅgrahaḥ, 4

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